राष्ट्र सम्मत/जयपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर द्वारा इग्नू अध्ययन केन्द्रों के परामर्शदाताओं का एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम भूगोल विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जेएलएनमार्ग, जयपुर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती नेहा गिरी प्रबंध निदेशक, चिकित्सा विभाग, राजस्थान सरकार रही।
उन्होंने महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए इग्नू अकादमिक परामर्शदाताओं को अभिमुखीकरण कार्यक्रम में बताया कि महिलाएं आज भारत में हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। जिसमें इग्नू का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। इग्नू न केवल सरल और सुलभ माध्यम से जन-जन तक शिक्षा प्रदान कर रहा है। वरन आज की आवश्यकताओं को देखते हुए नवीनतम तकनीकी माध्यमों का भी उपयोग कर रहा है। जो एक सराहनीय कदम है।
श्रीमती गिरी ने अकादमिक परामर्शदाताओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षण से हमेशा जुड़े रहना। अपने आप के विकास के साथ-साथ परिवार एवं समाज का विकास करने में भी महत्वपूर्ण है। अध्ययन से हमेशा जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर की वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ममता भाटिया ने अपने स्वागत अभिभाषण में बताया कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय ने विश्वपटल पर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनायी है।
डॉ. भाटिया ने इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर की मुख्य उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर जन-जन तक उच्च शिक्षा पहुँचाने के लिये सतत् प्रयासरत है। इग्नू का मुख्य उद्देश्य गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा को घर-घर पहुँचाने के साथ-साथ जो विद्यार्थी किन्ही अभावों के कारण अपनी उद्देश्य को बीच में छ़ोड़ देते है, उन्हें भी उच्च शिक्षा से जोड़ना है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज इग्नू का प्रत्येक छात्र और अकादमिक परामर्शदाता इग्नू के राजदूत की भूमिका निभा रहा है।
इग्नू के इस अकादमिक परामर्शदाताओं के एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम में प्रमुख रूप से चार तकनीकी सत्र आयोजित किये गये। जिसमें प्रथम सत्र में डॉ. शेरसिंह, सहायक क्षेत्रीय निदेशक ने दूरस्थ शिक्षा और इग्नू के बारे में बताया।
द्वितीय सत्र में डॉ. इन्दु रवि, उपनिदेशक ने दूरस्थ शिक्षा में अकादमिक परामर्शदाताओं की भूमिका के बारे में विस्तार से बताते हुए दूरस्थ शिक्षा में परीक्षण प्रक्रिया, सत्रीय कार्य, प्रोजेक्ट एवं प्रायोगिक कार्य की महत्ता का उल्लेख किया।
तृतीय तकनीकी सत्र में डॉ. राममूर्ति मीना, सहायक क्षेत्रीय निदेशक ने इग्नू द्वारा समय-समय पर प्रारंभ किये जा रहे गुणवत्तापूर्ण और मूल्यपरक पाठ्यक्रमों की चर्चा की। हाल ही में प्रमुख रूप से ज्योतिष, वैदिक अध्ययन, हिन्दू अध्ययन, भगवद्गीता, भौतिक विज्ञान, डिजिटल पत्रकारिता में स्नातकोत्तर उपाधि कार्यक्रम प्रारंभ किये गये हैं। इन सभी प्रोग्रामों में जनवरी 2025 सत्र के लिए प्रवेश प्रारंभ है।
उन्होंने यह भी बताया कि यूजीसी व नई शिक्षा नीति 2020 के नियमानुसार विद्यार्थी अपनी क्षमतानुसार एक साथ दो शैक्षणिक कार्यक्रम भी कर सकता है। इग्नू द्वारा एसटी, एससी को बीए, बीकॉम और बीएससी इग्नू कार्यक्रमों में निःशुल्क प्रवेश दिये जाने के बारे में बताया। राजस्थान सरकार द्वारा संचालित दूरस्थ बालिका योजना जिसमें सभी वर्ग की महिलाओं के लिए दूरस्थ शिक्षा माध्यम से कोई भी शैक्षणिक कार्यक्रम में प्रवेश लेने पर शुल्क-पुनर्भरण की जानकारी प्रदान की। चतुर्थ खुले प्रश्नोत्तर सत्र में उपस्थित सभी अकादमिक परामर्शदाताओं ने अपनी शंकाओं का समाधान करते हुए अपने परामर्श प्रस्तुत किये।
इस कार्यक्रम में इग्नू के विभिन्न अध्ययन केन्द्रों से लगभग 65 अकादमिक परामर्शदाता व इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर के सभी कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित रहें। कार्यक्रम के अन्त में सहायक कुलसचिव डॉ. पवन कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।