होली पर सरस की सौगात- दो नई मिठाईयों की हुई लॉन्चिंग
राष्ट्र सम्मत/जयपुर। पशुपालन, देवस्थान एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा है कि राजस्थान राज्य में मिठाईयों के बाजार में सरस के आने से लोगों में सरस की मिठाईयों की शुद्वता के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सरस के उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्वता के प्रति लोगों के विश्वास में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कुमावत आज यहा जवाहर लाल नेहरु मार्ग स्थित सरस संकुल मुख्यालय में होली के अवसर पर सरस की दो मिठाईयों की लॉन्चिंग के अवसर पर मुख्य अतिथि पद से बोल रहे थे।
हनुमानगढ़ जिला दुग्ध संघ द्वारा उत्पादित बेसन के लड्डू और काजू पिन्नी को लॉन्च करते हुऐ उन्होंने कहा कि आरसीडीएफ को आम उपभोक्ताओं की पसन्द को ध्यान में रखते हुऐ नये उत्पाद बाजार में लाने चाहिये। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिये सरकार प्रतिबद्व है।
इस अवसर पर बोलते हुऐ विशिष्ठ अतिथि गृह एवं डेयरी राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि आरसीडीएफ सहित सभी जिला दुग्ध संघों को यह प्रयास करना चाहिये कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के अन्तिम छोर पर बैठे दुग्ध उत्पादकों के कल्याण के लिये नई योजनाऐं लाई जावें। जिसमें राज्य सरकार भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। जयपुर डेयरी की सरस मायरा योजना की तारीफ करते हुऐ उन्होंन अन्य दुग्ध संघों को भी ऐसी कल्याणकारी योजनाऐं लाने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि सरस मायरा योजना के अन्तर्गत दुग्ध उत्पादक सदस्य की बेटी के विवाह के अवसर पर उसका मायरा सरस डेयरी द्वारा भरा जाता है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक स्थिति में सुधार में डेयरी सैक्टर की महती भूमिका है।
कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि शासन सचिव, पशुपालन एवं गोपालन समित शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में सहकारी डेयरियों के इंफ्रास्ट्रक्चर का बढ़ाने के लिये लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने डेयरी फैडरेशन और जिला दुग्ध संघों को बधाई देते हुऐ कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिये गये दो वर्ष के लक्ष्यों को समय से पूर्व ही पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि आरसीडीएफ को अगले चार वर्षों की प्लानिंग अभी से करनी होगी ताकि सरस राजस्थान राज्य के बाहर एक बड़ा ब्राण्ड बन सके।
अतिथियों का स्वागत करते हुऐ राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन की प्रशासक और प्रबन्ध संचालक श्रुति भारद्वाज ने डेयरी फैडरेशन की उल्लेखनीय उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि आरसीडीएफ ने दीपावली के अवसर पर पहलीबार पूरे राजस्थान में एकसाथ 500 से ज्यादा आउटलेट्स पर मिठाईयों की रिकार्ड तोड़ बिक्री की। उपभोक्ताओं को दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये सरस अमृतम अभियान और दूध का दूध पानी का पानी जैसे अभियानों का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया। आरसीडीएफ द्वारा गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष केवल 5 महीनों में 44 प्रतिशत अधिक लाभ अर्जित किया है। सरस को लोकल फॉर वोकल से ग्लोबल तक पहुॅचाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन के अधिकारी और कर्मचारी और आरसीडीएफ से सम्बद्व जिला दुग्ध संघों के प्रबन्ध संचालकगण उपस्थित थे।
लॉन्चिंग से पहले की मोतीडूंगरी के गणेश मंदिर में की पूजा अर्चना।
राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन की प्रशासक एवं प्रबन्ध संचालक श्रुति भारद्वाज ने आरसीडीएफ और हनुमानगढ़ दुग्ध संघ के अधिकारियों के साथ मोतीडूंगरी स्थित गणेश मंदिर में पूजा अर्चना की और भगवान गणेश को नवीन मिठाईयों का भोग लगाया। इस अवसर पर जयपुर डेयरी के प्रबन्ध संचालक मनीष फौजदार भी उपस्थित थे।
हनुमानगढ़ दुग्ध संघ द्वारा निर्मित बेसन का लड्डू और काजू पिन्नी की लॉन्चिंग
400 ग्राम पैक में बेसन का लड्डू और 400 ग्राम पैक में ही काजू पिन्नी की लॉन्चिंग की गई। 400 ग्राम पैक बेसन के लड्डू की कीमत 200 रुपये प्रति पैक अर्थात 500 रुपये प्रति किलो रखी गई है। 400 ग्राम पैक काजू पिन्नी की कीमत 220 रुपये प्रति पैक अर्थात 550 रुपये प्रति किलो रखी गई है। दोनों ही नई मिठाईयों की शैल्फलाईफ 40 दिन निर्धारित है अर्थात निर्धारित तापमान पर 40 दिन तक खाने के लिये सुरक्षित है।
की परफोरमेंस इंडिकेटर्स और नवाचार के आधार पर दुग्ध संघों को पुरुस्कार
नई मिठाईयों की लॉन्चिंग के अवसर पर जिला दुग्ध संघों के प्रबन्ध संचालक गण को की परफोरमेंस इंडिकेटर्स और डेयरी के क्षेत्र में उनके द्वारा किये गये नवाचारों के आधार पर पुरुस्कृत भी किया गया। की परफोरमेंस इंडिकेटर्स के आधार पर प्रथम स्थान पर रहे जयपुर दुग्ध संघ के प्रबन्ध संचालक मनीष फौजदार और द्वितीय स्थान पर रहे भीलवाड़ा दुग्ध संघ के प्रबन्ध संचालक वी. के. पाठक को पुरुस्कृत किया गया। तीसरे स्थान पर श्रीगंगानगर के प्रबन्ध संचालक उग्रसेन सहारण, चौथे स्थान पर पाली दुग्ध संघ के प्रबन्ध संचालक मदन लाल बागड़ी और पाचवें स्थान पर रहे अजमेर दुग्ध संघ के प्रबन्ध संचालक रामलाल चौधरी को पुरुस्कृत किया गया। इसी प्रकार नवाचार के आधार पर जिला दुग्ध संघ अजमेर, हनुमानगढ़, जोधपुर, जयपुर और भीलवाड़ा दुग्ध संघ को पुरुस्कृत किया गया।
सरस घी पैक्स पर क्यूआर कोड स्कैन करने वाले उपभोक्ताओं की लाटरी।
आरसीडीएफ द्वारा सरस घी के सभी पैक्स पर क्यूआर कोड इंट्रोडयूस करते समय यह घोषणा की गई थी कि लाटरी के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन करने वाले 200 जागरुक उपभोक्ताओं को 5-5 हजार रुपये के नगद पुरुस्कार दिये जायेंगे। इस अवसर पर 50 उपभोक्ताओं के लिये लाटरी निकाली गई और विजेता उपभोक्ताओं के नाम की घोषणा की गई।
बृज की होरी महोत्सव में झूमे-नाचे मंत्री
आरसीडीएफ में आयोजित लॉन्चिंग कार्यक्रम इस लिहाज से ऐतिहासिक रहा कि कार्यक्रम के दौरान भारतीय कला संस्थान डीग भरतपुर के कलाकारों द्वारा बृज की होरी पर आधारित लोक गीतों पर केबीनेट मंत्री जोराराम कुमावत और गृह एवं डेयरी राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने भी झूम-नाच कर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर ठेट बृज प्रदेश के अंदाज में फूलों की होली खेली गई और राधाकृष्ण आधारित रास रचा गया। कार्यक्रम में उपस्थित लगभग सभी लोग कलाकारों के साथ थिरक उठे और भजन गाये।